सतना कृषि उपज मंडी में रिकॉर्ड आवक से कारोबार बढ़ा, लेकिन तुलाई में देरी, जाम, शेड की कमी, बारिश का खतरा और बुनियादी सुविधाओं के अभाव से किसान एवं व्यापारी लगातार परेशान हैं।
कृषि उपज मंडियों में तुलाई व्यवस्था को लेकर किसानों ने पारदर्शिता की मांग उठाई है। वजन में अंतर, इलेक्ट्रॉनिक कांटों की विश्वसनीयता और नियमित सत्यापन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सतना कृषि उपज मंडी में तिल, उड़द, तुअर और मूंग के भाव मजबूत रहे। किसानों को बेहतर कीमत मिली, जबकि दाल और खाद्य तेल की बढ़ती कीमतें उपभोक्ताओं के घरेलू बजट पर दबाव बढ़ाने का संकेत दे रही हैं।
सतना में कृषि उपज मंडी समिति और नगर निगम के बीच संपत्तिकर को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। नगर निगम ने 1997 से 2026 तक का 36.55 लाख रुपये कर बकाया बताते हुए नोटिस जारी किया है, जबकि मंडी समिति ने इसे अवैधानिक बताते हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेश और मंडी अधिनियम का हवाला दिया है।
बहुचर्चित अरहर (राहर) घोटाले की फाइल एक बार फिर खुल गई है। रीवा के आंचलिक कार्यालय के ऑडीटर ने सतना मंडी से दस्तावेज एकत्र किए। विभागीय जांच में मंडी शुल्क चोरी, अवैध खरीदी और अधिकारियों की संदिग्ध भूमिका की परतें उभर सकती हैं।
सतना की ए-ग्रेड कृषि उपज मंडी में बीती रात बड़ी चोरी की वारदात सामने आई, जहां 20 से अधिक चोरों ने व्यापारी ओमप्रकाश गुप्ता का 80 बोरी अनाज चुरा लिया। सुरक्षा एजेंसी आरबी एसोसिएट्स की लापरवाही उजागर हुई, वहीं मंडी में पुलिस चौकी या एसएएफ की तैनाती की मांग तेज हो गई है।
सतना की कृषि उपज मंडी में एक व्यापारी को एक बार गेहूं खरीदी के बावजूद दो अलग-अलग तौल पर्चियां और अनुबंध थमाए गए। यह चूक है या सुनियोजित साजिश? जांच की मांग उठी, व्यापारी संघ में आक्रोश।



















